

धार किले की सरकारी जमीन पर जैन परिवार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका,
मानहानि की कोशिशें नाकाम
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
धार न्यूज। ऐतिहासिक धार किले की बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर सुधीर जैन और उनके परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इंदौर हाईकोर्ट ने इस मामले में जैन परिवार द्वारा लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे अब शासन द्वारा इस जमीन को पुनः अपने आधिपत्य में लेने की राह खुल गई है। उल्लेखनीय है कि जैन परिवार ने मुंबई की एक महिला से लीज मिलने का दावा करते हुए किले की जमीन पर बड़ी इमारतें खड़ी कर ली थीं और कोर्ट से डिग्रियां भी हासिल कर ली थीं। इन संदेहास्पद डिग्रियों को चुनौती देते हुए अविनाश डावर ने धार न्यायालय में इन्हें निरस्त कराने हेतु याचिका दायर की थी।
जैन परिवार ने हाईकोर्ट में तर्क दिया था कि किसी आम नागरिक को शासकीय भूमि के मामले में ऐसी कानूनी कार्रवाई का अधिकार नहीं है और उन्होंने इस प्रक्रिया को रोकने की मांग की थी। हालांकि, उच्च न्यायालय ने उनके इस तर्क को अमान्य करते हुए याचिका ही खारिज कर दी। इस आदेश के बाद अब जैन परिवार द्वारा अविनाश डावर और उनके वकील पर दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई मानहानि की कोशिशें भी नाकाम हो गई हैं। वर्तमान में इस मामले में उन अधिकारियों पर भी लोकायुक्त की जांच चल रही है, जिन्होंने शासन का पक्ष मजबूती से रखने के बजाय कब्जेदारों को लाभ पहुँचाया था
